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कश्मीरी पंडितों को जम्मू कश्मीर छोड़ने की धमकी : “लश्कर ए इस्लाम “ने चिपकाए पोस्टर

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जम्मू कश्मीर में फिर से 90 के दशक वाले हालात की वापसी चाहने वाले आतंकी गुटों ने अपनी हरकत फिर शुरू कर दी है। पिछले एक सप्ताह में गरीब , निरपराध हिन्दुओं का नाम और धर्म पूछ कर कश्मीर में दसियों लोगों को क़त्ल किया जा चुका है। हालाँकि सेना और सुरक्षा बल भी अपनी तरफ से इनका सफाया करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है और इन आतंकयों को होने बिलों से निकाल निकाल कर मार रही है। लेकिन ये आतंकी नए नए संगठनों के नाम से घाटी में डर का माहौल पैदा करने की कोशिश में लगे हुए हैं। अभी हाल ही में , लश्कर ए इस्लाम नाम के नए नए बने आतंकी संगठन ने घाटी में पोस्टर चिपका कर स्थानीय हिन्दुओं और कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ देने और नहीं छोड़ कर जाने की सूरत में उन्हें मार दिए जाने की चेतावनी देते हुए पोस्टर चस्पा कर दिए हैं।
घाटी में लगाए गए धमकी भरे इन पोस्टर में लिखा गया है कि आरएसएस एजेंट , सरकार को खुफिया सूचना देने वाले मुखबिर और तमाम हिन्दू तथा कश्मीरी पंडित , घाटी को छोड़कर चले जाएं अन्यथा वे अपनी जान से हाथ धो बैठेंगे। असल में सरकार द्वारा 370 की समाप्ति और इसके बाद सेना द्वारा चलाए गए सफाई अभियान में घाटी से सारे आतंकियों का सफाया करने जैसे कदमों से घाटी के चरमपंथी और उनके पाकिस्तानी आका बुरी तरह से झल्लाए हुए थे। ऐसे में अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी ने एक बार फिर से इस क्षेत्र में पाकिस्तान की सरपरस्ती में आतंक को बढ़ावा देने के मंसूबे पर काम शुरू हो गया है।
हालांकि पुलिस ने इस घटना पर पूरी जानकारी देते हुए बताया है कि , कुछ शरारती तत्वों द्वारा जानबूझ कर घाटी में डर और दहशत का माहौल पैदा कर हिन्दू आबादी को डराने धमकाने के उद्देश्य से किसी अज्ञात आतंकी गुट के नाम पर ये पोस्टर घाटी में चिपकाए गए हैं जिसकी जाँच पुलिस व् स्थानीय जांच एजेंसियाँ कर रही हैं।

10 वर्ष की बहन थी मंदबुद्धि तो भाई मुहम्मद ने अपने 4 दोस्तों के साथ गैंगरेप करके मार डाला

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इंसानियत को भी बुरी तरह शर्मसार करने वाली ये घटना राजस्थान के जयपुर क्षेत्र की है जिसकी कल्पना करके भी मन सिहर उठता है .

दस साल की अबोध बच्ची और वो भी मानसिक रूप से दिव्यांग , उसका कसूर सिर्फ इतना था कि , वो हैवानों के यहां पैदा हो गई . इस मासूम के अपने सगे भाई मुहम्मद ने अपने चार और मुहम्मद दोस्तों के साथ मिलकर इस बच्ची का सामूहिक बलात्कार किया और फिर उसका कत्ल कर दिया .

ये अपराध , राजस्थान का है जहां कांग्रेस की सरकार है मगर अफसोस है कि कांग्रेस की दोनों महत्वपूर्ण नेता सोनिया और प्रियंका फिलहाल उत्तर प्रदेश चुनाव के कारण लड़की हूँ लड़ सकती हूँ , लड़की हूँ खेल सकती हूँ पर ही अटकी हुई हैं .

मुगलों की हवस का तो कहना ही क्या , उनके लिए तो बस एक मादा शरीर होता है जिसे नोंचा खसोटा और जब जैसे मन किया उसे मार काट कर फेंक दिया . लानत है इनपर

करवाचौथ व्रत का अपमान : डाबर ने दिखाया समलैंगिक जोड़ा : ट्विटर पर भी चलाया जा रहा है Hate Campaign

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ऐसा लग रहा है जैसे सनातनी हिन्दू पर्व त्यौहारों पर उत्पाद कंपनियों द्वारा एक निश्चित एजेंडे के तहत जानबूझ कर इन्हें विवादित करने की होड़ सी लगी हुई है . एक मामला सामने आता है , लोग विरोध करते हैं और कंपनी और उसके लोग माफी मांगते हैं . अभी मामला शान्त भी नहीं होता इतने में दूसरा ऐसा ही मामला सामने आ जाता है .

डाबर कंपनी ने अपने नए विज्ञापन में करवाचौथ पर्व के रीति रिवाजों का फिल्माकंन करते हुए एक जोड़े को दिखाया हुआ है , लेकिन रुकिए जोड़ा पति पत्नी का ही मगर समलैंगिक है . यानि दो महिलाएं आपस में एक युगल दंपत्ति की तरह अपनी माँ या सास के साथ करवाचौथ की परंपरा को निभा रही हैं .

कमाल की सोच है इस विज्ञापन बनाने वालों की , एक तरफ तो समलैंगिकता जैसी प्रवृत्ति जिसे भारतीय समाज में अभी व्यापकता और मान्यता नहीं मिली है यदि दो युवतियों ने इस विकल्प को चुना भी है तो फिर वे करवाचौथ जैसा पारंपरिक त्यौहार क्यों मना रही हैं ??

कमपनी की तो जो लानत मलामत हो ही रही है लेकिन इधर कुछ लोग जाने किस एजेंडे से प्रेरित होकर , हर हिन्दू पर्व त्यौहार को बदनाम करने के लिए उसमें झूठ और भ्रम का मसाला लगा कर उसे गलत तरीके से दुनिया के सामने रखने का प्रयास भी कर रहे हैं .

इसके लिए टिव्वर पर बाकयदा ट्रेंड चलाकर #truthofkarwachauth हैश टैग के साथ एक घृणा मुहिम चलाई जा रही और जोर शोर से इसे आगे बढ़ाया जा रहा है . देखिए कैसे इसमें करवाचौथ के बारे में उल्टा सीधा बोला लिखा जा रहा है . जो महिलाएं करवाचौथ का व्रत रखती हैं वे अगले जन्म में गधी बनेंगी .

बाबा रामपाल नामक एक छद्मवेशी और उसके चेलों चपाटों द्वारा हर बार हिन्दू पर्व के समय इस तरह के अपमानजनक हैश टैग के साथ एक घृणा मुहिम चला कर पर्व त्यौहार मनाने वालों को कोसा जाता है और अपशब्द कहे जाते हैं .

हद तो ये है किया} ये है कि ये सब न तो सरकार और उनकी नियामक संस्थाओं को दिखता है और रात दिन अपनी चौकिदारी से लोगों के अकाउंट सस्पेंड और डिलीट करने वाले ट्विट्टर की टीम को . ये बहुत ही निंदनीय और चिंताजनक बात है .

कोई भी सभ्य समाज कभी भी किसी को , अपनी सभ्यता , संस्कृति ,परपम्परों का उपहास नहीं उड़ाता , उसका अपमान नहीँ करता बल्कि उसमें शामिल होकर उसे संरक्षित और संवर्धित करता है . अफसोस कि आज जब दुनिया में बहुत सारे लोग मज़हबी उन्माद में पूरी दुनिया को एक ही रंग में रँगने को उद्धत हैं तो ऐसे में एक भारत और भारतीय हैं जो अपने बचे हुए को भी नहीं बचा पा रहे हैं .

तमिलनाडु सरकार ने अब तक मंदिरों को दान में मिला 5 लाख किलो सोना बेचा : दान के आकलन विश्लेषण करने वाली समिति में मुस्लिम भी शामिल

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अभी विजयादशमी पर अपने उद्बोधन में जब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सरकारों पर सीधा सीधा आरोप लगाते हुए कहा था की , सरकारों द्वारा मंदिर और मंदिर की संपत्ति से जुड़ी आय को किसी न किसी बहाने से अपने नियंत्रण में लेने की प्रव्रुत्ति ठीक नहीं है और सरकारों को चाहिए कि वे मंदिर और मठों का सारा धन ,संपत्ति जल्द से जल्द वापस कर दें।

उस समय शायद ही किसी को अंदाजा होगा कि वास्तविकता का अनुमान सिर्फ एक इस तथ्य से ही लगाया जा सकता है कि , अकेले एक तमिलनाडु की राज्य सरकार ने अदालत में शपथ पत्र दाखिल करके जानकारी दी है कि , राज्य सरकार अब तक , तमिलनाडु के मंदिरों में दान के रूप में दिए गए एक दो नहीं पूरे 5 लाख किलो सोना और जेवरात को पिघला कर उसका उपयोग कर चुकी है। और सरकार इतने पर ही नहीं रुकी है बल्कि , अब भी ये प्रक्रिया बदस्तूर जारी है और मंदिरों को दान में मिला धन सोना जेवरात आदि को ठिकाने लगाने का काम किया जा रहा है।

ज्ञात हो कि , सरकार ने मंदिरों को दान में प्राप्त सोने को गला कर विभिन्न बैंकों में रखने की अनुमति हेतु दायर याचिका में ये जानकारियां अदालत को दी हैं। इसी याचिका की सुनवाई के तहत दिए गए निर्देशों के अनुपालन में , तीन न्यायाधीशों की एक समिति , मंदिरो के सोने को गलाने और उसे बैंकों में जमा करवाने का सारा कार्य देख रही है

भाजपा ने इसका विरोध करते हुए , सरकार की नीयत पर सवाल पर सवाल उठाते हुए सरकार के इस कदम को हिन्दुओं विरुद्ध बताया है । उन्होंने पूछा है कि ,मंदिर की धन , संपत्ति का निर्धारण , उपयोग , भंडारण और निष्पादन का अधिकार मंदिर को , मंदिर समिति को या उनके प्रतिनिधियों को ही क्यों नहीं है । और ये किसके निर्णय से फैसला लिया गया कि ,क्या कैसे होगा ???

सरकार ने अपना पक्ष अदालत में रखते हुए कहा कि ये प्रचलन बहुत पहले से चला आ रहा है और एक आकलन के मुताबिक तमिलनाडु सरकार अब तक मंदिरों का 5 लाख किलो सोना जेवर गला चुकी है । सरकार के अनुसार इस धन का उपयोग अन्य मंदिरों के जीर्णोद्धार व पुनर्निमाण में लगाया जाएगा ।
तमिलनाडु में 36 ,400 मंदिर हैं जिन्हें सरकारी नियंत्रण में लिया जा चुका है और इनमें चढ़ाए गए सारे दान , धन , जेवरात का आकलन निर्धारण सरकार ही करती आई है ।

सरकार इतने पर ही नहीं रुकी बल्कि , मंदिरों के चढ़ावे में मील सारे सोने का मूल्यन , गलन आदि करने वालों में कुछ मुस्लिमों को भी शामिल किया गया है जो हिंदुओं की नाराजगी और बढ़ा रहा है ।

 

मुझे हिन्दू होने पर शर्म आती है : स्वरा भास्कर

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अभिनेत्री स्वरा भास्कर , जानबूझकर , खुद को लाईमलाईट में लाने के लिए गाहे बेगाहे ,कुछ न कुछ उल जलूल बयान ऐसा जरूर दे देती हैं ताकि फिर राष्ट्रवादी उन्हें निशाने पर लेकर सही जवाब देते हुए घंटों तक ट्रोल करते रहें।

यदि मामला हिन्दू , भारत , भाजपा , सेना , पुलिस विरोधी हो फिर स्वरा के लिए ये अवसर सोने पर सुगंध जैसा होता है। ऐसा ही अभी हाल में हुआ जब अचानक ही स्वरा ने अपने ट्विटर हैंडल पर जाकर लिखा कि उन्हें अपने हिन्दू होने पर शर्म आती है।

असल में स्वरा ने ये बात उस खबर पर प्रतिक्रया देते हुए कही /लिखी जिसमें इन दिनों गुड़गाँव में खुले में पढ़ी जा रही नमाज का विरोध करने के लिए हिन्दुओं द्वारा जय हिन्द और भारत माता की जय के नारे लगाने का वीडियो साझा किया गया है। ज्ञात हो कि पिछले काफी दिनों से गुड़गांव के निवासी , खुले में नमाज का विरोध करने के लिए एकत्र हो रहे हैं और पुलिस सारा मामला सुलझाने में लगी हुई है

स्वरा की रग रग से वाकिफ , सोशल मीडिया यूजर्स ने स्वरा को खरी खोटी सुनाई बल्कि मशहूर फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने भी स्वरा को आड़े हाथों लेते हुए इसे नौटंकी करार दिया और सिर्फ लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए की गई बयानबाजी करार दिया।

इससे पहले भी स्वरा समय समय पर कभी सेना के खिलाफ तो कभी पुलिस के खिलाफ और अक्सर ही हिन्दुओं और सनातन के विरुद्ध इसी तरह से अपने ओछे और घटिया विचारों का वमन करती रही है और इसका माकूल जवाब भी उन्हें वहीं मिलता रहा है

लड़की हूँ लड़ सकती हूँ -कांग्रेसी हूँ ,सिर्फ लड़ सकती हूँ

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आख़िरकार प्रियंका दीदी भी मैदान में उतर ही आईं वो भी झाड़ू पोछा कैमरा मोबाईल और राहुल गाँधी ,सभी अस्त्र शस्त्रों से लैस होकर। और इस बार उन्होंने घोषणा पर घोषणा कर दी। पहली तो यही कि -देखो जब हम सारी सीटों पर सारे राज्यों में हार ही रहे हैं तो इस बार हम चालीस प्रतिशत सीट अपनी बहन दीदी माताओं को हारने के लिए कुर्बान कर देंगे।

महिला सशक्तिकरण की ये अलख इतने पर ही नहीं रुकी बल्कि ट्विट्टर पर बाकयदा ट्रेंड चलाकर (#लड़की_हूँ_लड़_सकती_हूँ ) मिसेज वढेरा ने मानो यलगार हो कह दिया हो। अब ऐसे में यकायक ही जब सबको पीछे करते हुए प्रियंका दीदी ने कांग्रेस की सारी फुटेज खा ली तो राहुल गाँधी भी असमंजस से बाहर आकर कहना चाह रहे हैं ,लड़का हूँ तो क्या ,मैं नहीं लड़ सकता क्या ??

अब ये तो दीदी गाँधी ही भैया गाँधी को बता समझा सकती हैं कि उनको अचानक ये कहने की नौबत क्यों आ गई कि लड़की हूँ लड़ सकती हूँ -जबकि वे चाहें तो ये बिना कहे भी लड़ सकती थीं या फिर ये भी कि वढेराइन हूँ लड़ सकती हूँ और कुछ न सही तो ये तो पक्का ही कि कांग्रेसी हूँ – सिर्फ लड़ ही सकती हूँ।

राहुल दूसरी बात ये भी नहीं समझ पा रहे हैं कि आखिर दीदी गाँधी ने आम आदमी पार्टी का चुनाव चिन्ह झाड़ू को क्यों अपने साथ फुटेज देनी शुरू कर दी है। वे जहां भी मोबाइल कैमरे देखती हैं या तो मुझे जाने नहीं दे रहे , रोक रहे हैं कहने लगती हैं या फिर फौरन ही झाड़ू उठा कर साफ़ कमरे , जगह को बुहारने लगती हैं और साथ ही कहती जाती हैं -लड़की हूँ लड़ सकती हूँ।

उधर पार्टी वाले भी कह रहे हैं कि अगर दीदी भैया लड़की लड़का होने की बात पर ही लड़ सकते हैं तो हमारे पास तो फिर भी सर फुटौव्वल के लिए बहुत सारे मसाले हैं। यही सोच कर सिद्धू कैप्टन , पायलय गहलोत आदि सब भी आपस में ही लड़ भिड़ कर पार्टी लाइन पर बने रहते हैं।

लड़ेगा इंडिया तभी तो सब पर भारी पड़ेगा इंडिया।

बच्चों ने गलती की तो मिलेगी माँ बाप को सज़ा -चीन का नया कानून

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चीनी प्रशासन अपने नागरिकों को नियंत्रित करने के लिए , उनके क्रिया कलाप से लेकर सोच और विचारधारा तक को अपने काबू में रखने के लिए तरह तरह के अनोखे नए कानून बना कर उन्हें लागू करता रहता है। हालाँकि इसके लिए कई बार चीनी सरकार को मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप झेलना पड़ा है किन्तु चीन है कि प्रयोगों से बाज नहीं आता।

चीन के नागरिक संस्कारों से सम्बंधित विधि में एक बहुत बड़ा प्रयोग किए जाने के समाचार पिछले दिनों प्रकाशित किए गए। चीन में अब बच्चों द्वारा जानबूझ कर की गई , गलतियाँ , अपराध , बेअदबी ,आदि के लिए माता पिता को दण्डित किया जा सकेगा।

चीन की कम्युनिस्ट सरकार द्वारा प्रस्तावित इस क़ानून का उद्देश्य -आजकल के बच्चों में बढ़ती उदण्डता ,सामाजिक व राजनैतिक दायित्वों से भागना , मोबाईल गेमिंग और इंटरनेट की लत , आदि बहुत सी प्रवृत्तियों के तेज़ी से वृद्धि होने के कारण -इसके लिए कहीं न कहीं माँ पिता और उनकी परवरिश को जिम्मेदार मानते ठहराते हुए एक तरह से उन्हें चेतावनी दे दी है।

इस प्रस्तावित क़ानून में न सिर्फ , राष्ट्र , स्वजनों और सत्ताधीन पार्टी के प्रति प्रेम और निष्ठा बनाए रखने के लिए बच्चों को प्रेरित करने , श्रेष्ठ जनों का आकर और छोटों से स्नेह ,से लेकर टीवी और मोबाइल देखने तक के लिए अलग अलग तरह के प्रावधान और नियम रखे गए हैं। इसका एक उद्देश्य माँ बाप को अपने बच्चों को समय देकर उनकी उचित परवरिश पर ध्यान दिलाने के लिए बाध्य करना भी है।

ज्ञात हो कि , भारत में प्रति वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाने वाले सैकड़ों निर्दोष लोगों की मौत के जिम्मेदार वाहन चालकों को इसलिए सजा नहीं मिल पाती क्यूंकि दुर्घटना के समय वे नाबालिग होते हैं और उनके इस कृत्य के लिए उनके माँ पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा पाता है।

मदरसे में पढ़ाते तो नहीं बिगड़ता आर्यन : मौलाना शहाबुद्दीन

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जब आपका वक्त बुरा आता है तो फिर आपको रास्ते का कोई उठाईगीरा भी कोई सी उल जलूल सलाह देने लगता है ताकि आप पर रुकी हुई कृपा बरसने लगे। आजकल सबसे ज्यादा गर्दिश में तो शाहरुख खान के सितारे ही चल रहे हैं।

पिछले साल सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद बॉलीवुड में ड्रग्स के जाल और उसके शिकंजे में फँसा पूरा फ़िल्मी जगत , की सारी कहानी एक एक करके दुनिया के सामने आती चली गई। रिया बनर्जी से शुरू हुई कहानी , कहाँ कहाँ से होते हुए अब शाहरुख खान के बेटे आर्यन और उसके दोस्तों के साथ क्रूज़ पर की गई रेव पार्टी में आर्यन की गिरफ्तारी पर आकर टिक गई है।

आर्यन फिलहाल जेल में हैं और अपनी जमानत का इंतज़ार कर रहे हैं। ऐसे में उनके अपनी कौम के मौलाना जी ने उन्हें और दूसरों को भी नसीहत दी है। मौलाना जी कहना है कि शाहरुख यदि मदरसे में आर्यन को पढ़ने भेजते , मज़हब की तालीम और इल्म से तवारुफ़ करवाते तो आज शाहरुख को ये दिन नहीं देखने पड़ते।

 

बकौल मौलाना जी , मदरसे में पढ़ कर इंसान जहीन और सलीकेदार , खुदापसन्द और ईमान वाला बन जाता है। मदरसे में सभी बुरी आदतों से छुटकारा भी दिलाया जाता है और जिंदगी की अच्छी अच्छी बातें भी सिखाई समझाई जाती हैं।

मगर शाहरुख भी क्या करें ??? देख ही रहे हैं कि अभी तो चलो स्कूल में पढ़ कर बेटा सिर्फ धुआँ उड़ाते हुए ही पकड़ा गया है कहीं यदि मदरसे में पढ़ने जाता और कल होकर कोई हवाई जहाज या कोई शहर उड़ाता मिलता तो फिर तो मौलाना जी की ताबीज टोटका भी कुछ नहीं कर पाता। वल्लाह

राज कुंद्रा ने उनकी मासूम छवि को बदनाम करने के लिए शर्लिन चोपड़ा पर ठोंका 50 करोड़ की मानहानि का मुकदमा

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पूरी दुनिया को योगा सिखा कर स्वस्थ एवं चुस्त दुरुस्त रखने का युगांतकारी काम करने वाली अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के , बहुत धनाढ्य पति राज कुंद्रा को जब दो महीने पहले , मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था तो पुलिस को छः महीने पहले मॉडल शर्लिन चोपड़ा द्वारा पुलिस में कुंद्रा के विरूद्ध शोषण और यौन फिल्मों के अनैतिक व्यापार में लिप्त रहने के आरोप की जांच में उनके विरुद्ध साक्ष्य मिल गए थे।

इसका परिणाम ये हुआ की पुलिस ने न सिर्फ कुंद्रा को बल्कि अवैध यौन फिल्मों के इस कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया जहां पूरे दो महीने रहने के बाद जैसे तैसे राज कुंद्रा को जमानत मिली है और वे जेल से बाहर आए हैं। शिल्पा का इस बारे में कहना है कि उन्हें राज कुंद्रा के इस गंदे धंधे के बारे में कुछ पता नहीं था।

लेकिन जेल से बाहर आने के बाद राज कुंद्रा ने मोडल शर्लिन चोपड़ा के ऊपर उनकी छवि को खराब करके उनकी सामजिक प्रतिष्ठा को हानि पहुँचाने के लिए पूरे 50 करोड़ रूपए की मानहानि का मुकदमा ठोंक दिया है।

इस बात की जानकारी देते हुए कुंद्रा की टीम ने उस नोटिस को भी मीडिया को जारी किया जो शर्लिन को जारी किया गया है। इसमें शर्लिन पर राज कुंद्रा की छवि को ख़राब करने का आरोप लगाया गया है।

बात भी सही है , राज कुंद्रा जो भी करते रहे हों , उनकी पोल खोल कर सारा काला सच सामने लाकर एक बार फिर से बॉलीवुड की गंदगी का असली चेहरा सामने लाने की शर्लिन को भला क्या जरूरत थी। अजी हाँ