मज़हबी कट्टरता की नफ़रत के मारे : खुद नंगे हो रहे हैं गद्दार सारे

मोदी सरकार के आने से , हाँ सिर्फ आने भर से ही और , दोबारा प्रचंड बहुमत से देश की सत्ता में लौटने से -भारत करवट लेकर अब नया भारत , नया हिन्दुस्तान बन रहा है। और शायद यही वजह है कि पिछले 70 सालों में ,भारत की आजादी के बाद देश में रह गए और पल बढ़ कर विष बेल बन चुकी जमात , देश विरोधी मानसिकता से ग्रस्त गुट की बौखलाहट और बेचैनी लगातार बढ़ती ही जा रही है।

पडोसी देश पाकिस्तान खेल का कोई मैच हार जाए या भारतीय फ़ौज के हाथों कोई घुसपैठिया कुत्ते की मौत मारा जाए , लालची ,द्रोहियों , बेईमानों , दलालों को घेरने के लिये सरकार कोई क़ानून बनाए या फिर लोक कल्याण में -एक देश एक क़ानून , जनसंख्या नियंत्रण क़ानून जैसी विधियों को बनाने की चर्चा भर हो जाए -कांग्रेस , वामी , और इनके साथ तमाम वो लोग जिन्हें हिन्दुस्तान की एकता , उसका संगठित रहकर दुनिया की एक बड़ी ताकत बनना बिलकुल भी नहीं भा रहा और विशेषकर इसलिए नहीं भा रहा क्यूंकि ये सब -एक हिन्दुत्वादी , एक राष्ट्रवादी पार्टी की सरकार कर रही है वो सरकार जिसे देश के बहुसंख्यक समाज ने एक नहीं दूसरी बार प्रचंड बहुमत देकर सत्तासीन किया है।

अभी हाल ही में हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में , तीनों सेनाओं के संयुक्त सेना प्रमुख श्री बिपिन रावत और उनके तमाम जाबांज साथियों की मृत्यु हो गई।  ये वो हृदयविदारक दुर्घटना थी जिसपर शत्रु राष्ट्रों और उनके फौजी अधिकारियों ने भी अपनी दुःख और संवेदना व्यक्त की।  मगर देश के गद्दार तो गद्दार ही ठहरे।  आखिर अपनी नफरत , अपनी अलगाववादी सोच को वो कैसे दबा कर रख पाते।  इसलिए देश के इस सपूत और भारत माँ के लालों के यूँ असमय चले जाने के बाद ये भी इनके लिए जश्न का मौक़ा बन गया।  ये लोग पहले भी सैनिकों की मौत ,भारत की किसी भी असफलता कठनाई को अपने लिए जलसे और जश्न का अवसर मान कर सेना ,पुलिस , कानून और सरकार को कोसने , उनका उपहास उड़ाने -अपमानित करने की प्रवृत्ति से ग्रस्त रहे हैं।

इन्हीं दोगले और गद्दार लोगों को पहचान कर उन्हें समाज में पूरी तरह से नग्न करके  इनके असली मंसूबे और मानसिकता की बाबत पूरे देश को जानना चाहिए।  देश का बहुसंख्यक समाज जो अब न सिर्फ इनके प्रति सचेत और सजग हो उठा है बल्कि अपनी तीव्र प्रतिक्रया और प्रतिरोध से अब इन्हें इनके कहे किये का माकूल जवाब दे रहा है।  जानकारी के मुताबिक़ -जनरल रावत और अन्य फौजी वीरों की शहादत का उपहास उड़ाने वाले , अपमानित करने वालों में से सैकड़ों के विरूद्ध शिकायतें दर्ज़ हुई हैं , दर्जनों गिरफ्तार करके जेल भेजे जा चुके हैं और कईयों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।

केन्द्र की मोदी सरकार ने पिछले 7 वर्षों में ये अच्छी तरह से देख समझ लिया है कि , देश के लिए बाहरी दुश्मनों से निपटने से कहीं अधिक जरूरी इन आस्तीन के साँपों का माकूल इलाज ढूँढना भी है।  यही कारण है कि सरकार जल्द से जल्द अपने प्रस्तावित कानूनों को लागू करने की तैयारी कर रही है -ताकि बचे खुचे गद्दार और देशद्रोही चरित्र वाली ये जमात खुल कर अपने अलसी रंग में आए और साथ ही वो भी जो इन्हें वोट बैंक मान कर , सात  दशकों से तुष्टिकरण और चाटुकारिता की राजनीति करके सत्ता पर बैठते आए थे -उनकी भी बची खुची असलियत लोगों के सामने आ जाए।

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