उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी आम आदमी पार्टी : हारी तो आपस में और जीती तो राज्यपाल से लड़ेगी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी आम आदमी पार्टी : हारी तो आपस में और जीती तो राज्यपाल से लड़ेगी

अभी कल ही तो मैंने इस पोस्ट में बताया था कि कैसे दिल्ली के उपमुख़्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के बड्डे नेता श्री मनीष सिसोदिया जी ने घनघोर घोषणा कर दी है कि उत्तराखंड के लोगों को अबकी बार सिर्फ  और सिर्फ उस सरकार को चुनना है जो प्रदेश में राम राज्य ला सके।  और इसके लिए दिल्ली दंगों को अपना परम साथी बना चुकी आम आदमी पार्टी से बेहतर और कौन हो सकता है भला ??? है न।

अब आज आम आदमी पार्टी ने घोषणा कर दी है कि योगी जी के उत्तर प्रदेश उनकी आम आदमी पार्टी विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही है।  वाह जब भी कहीं लड़ने भिड़ने, सड़क पर लोटने ,धरने की बात होती है सबसे पहले बाय डिफ़ॉल्ट आम आदमी पार्टी उसमें पहले पायदान पर आ जाती है।  

वैसे पार्टी द्वारा किए गए इस राजनीतिक मजाक पर लोगों की प्रतिक्रिया भी कम रोचक नहीं रही है।  कोई कह रहा है पार्टी अगर चुनाव हार जाती है तो पहले की तरह ही इसके सभी सदस्य आपस में ही लड़ मरेंगे , यदि पार्टी चुनाव जीत जाती है तो भी वे लड़ेंगे मगर आदतन तब वे प्रदेश के राजयपाल से लड़ेंगे।  

दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सड़ जी ऑड और ईवन खेलते हुए एक दिन इस पार एक दिन उस पार के जिल्ले इलाही बन कर दोनों प्रदेशों को मटियामेट कर के दिखाएँगे।  

किसी ने प्रश्न करते हुए पूछा है कि सिर्फ पार्टी ही चुनाव लड़ेगी या फिर “जनलोकपाल आन्दोलन ” की कोख से निकला ईमानदार जनलोकपाल भी चुनाव लड़ने पार्टी के साथ ही जाएंगे।

उधर दूसरी तरफ अपने अज्ञातवास से अचानक निकल कर प्रकट हुए श्री अन्ना हज़ारे भी मैदान में आ चुके हैं , अरे राम लीला मैदान में नहीं बल्कि किसानों की आड़ लेकर फुटेज खाते लोगों को देख कर उनके मन में भी अपनी खोई टीआरपी बढ़ाने का जोश हिलोर मारने लगा है।

असल में जब से ओवैसी की पार्टी सिर्फ अपनी मुगलपंथी में बिहार की पांच विधानसभा सीटें जीत गई है तभी से मुगलों के अब्बा बनने को आतुर तमाम राजनैतिक दल सभी चुनावों में ये सट्टा लगाने को उद्धत दिखाई दे रहे हैं।

तो उत्तराखंड के बाद उत्तर प्रदेश में भी भारी से भारी लानत भेजकर आप पार्टी को अपना घनघोर विमर्थन दें।

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